Farmer Protest: सिंघु बॉर्डर पर धरने में आए किसान ने खाया जहर, अस्पताल में दम तोड़ा, अब तक 55 किसानों ने जान गंवाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन 45 दिन से जारी है। इस दौरान अब तक कई किसानों की मौत हो चुकी है। शनिवार को एक और किसान की मौत हो गई। दिल्ली-हरियाणा सिंघु सीमा पर पंजाब के 40 वर्षीय एक किसान ने जहर खाकर खुदखुशी कर ली। आंदोलन से जुड़े अब तक 55 किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से कुछ ने सुसाइड कर लिया और कइयों की जान बीमारियों, ठंड और हार्ट अटैक के चलते गई है।

मृतक अमरिंदर सिंह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के रहने वाले थे। शनिवार देर शाम उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने बताया कि, शाम बॉर्डर के मुख्य स्टेज के पीछे उन्होंने सल्फास खाया, वहीं स्टेज के सामने मौजूद पंडाल के सामने आकर गिर गए, मौके पर खड़े अन्य किसान उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी करीब शाम 7 बजे मृत्यु हो गई। हालांकि किसान ने किन कारणों से खुदकुशी की ये साफ नहीं हो पाया है, साथ ही धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

सरकार और किसानों के बीच अब तक 8 दौर की बातचीत रही बेनतीजा
दरअसल कृषि कानून के विरोध में बीते डेढ़ महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं सरकार और किसान संगठनों की बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है। हालांकि सरकार साफ कर चुकी है कि वह कानूनों को वापस नहीं लेगी, वहीं दूसरी ओर किसान भी कानून की वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच अब तक 8 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रही। किसान कानूनों को वापस लेने पर अड़े हैं, वहीं सरकार कानूनों में संशोधन की बात कह रही है। अगली बैठक 15 जनवरी को होगी।

पूरे देश में राजभवन का घेराव करेगी कांग्रेस
कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस ने 15 जनवरी को देशभर में राजभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हर राज्य के राजभव का कांग्रेस कार्यकर्ता घेराव करेंगे।

ब्रिटेन के PM को 100 से ज्यादा सांसदों ने लिखी चिट्ठी
इस बीच, ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने PM बोरिस जॉनसन को किसानों के मसले पर चिट्ठी लिखी है। इस पर 100 से ज्यादा सांसदों के दस्तखत हैं। चिट्ठी के जरिए मांग की गई कि जॉनसन इस मुद्दे को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएं। चिट्‌ठी में लिखा है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन शांति से प्रदर्शन करने के अधिकार की अहमियत समझते हैं। उन्हें इस मुद्दे की पूरी समझ भी है। धेसी ने सोशल मीडिया पर दिए मैसेज में कहा कि वे चिट्‌ठी पर दस्तखत करने वाले 100 से ज्यादा सांसदों और लॉ‌र्ड्स के आभारी हैं।



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Farmer who commits dharna on Singhu border commits suicide by consuming poison
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from दैनिक भास्कर हिंदी

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